एसटीएफ व पुलिस ने नौ लाख का एक क्विंटल गांजा पकड़ा, , दो आरोपी गिरफ्तार
यूपी के बांदा जिले में एसटीएफ और पुलिस ने एक क्विंटल गांजा पकड़ा। जिसकी कीमत नौ लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि तीन फरार हो गए।
उड़ीसा से तस्करी कर डीसीएम में लाया जा रहा गांजा एसटीएफ और बबेरू पुलिस ने रविवार को कमासिन-राजापुर मार्ग पर पकड़ी। पुलिस के अनुसार बरामद गांजा की बाजार में करीब नौ लाख रुपये कीमत होगी। गाड़ी में खाकी रंग से लदे कार्टूनों में गांजा छुपाकर रखा गया था। डीसीएम में सवार दो आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया। जबकि तीन फरार हो गये। पकड़े गए आरोपी मेरठ और गाजियाबाद के बताये गये हैं।
एसटीएफ उत्तर प्रदेश फील्ड यूनिट प्रयागराज के एसआई रणेंद्र कुमार की सूचना पर बबेरू कोतवाल पंकज सिंह ने टीम के साथ बबेरू के कमासिन राजापुर मार्ग पर रविवार को मुरवल के पास नाकाबंदी की थी। इसी दौरान आई डीसीएम को रोका तो उसमें सवार मेरठ के कंकड़ खेड़ा थाना क्षेत्र के नगलावासी गांव निवासी यशपाल सिंह और गाजियाबाद जनपद के भोजपुर थाना के काशी सैदपुर निवासी बिल्ली उर्फ बीर सिंह से पूछताछ की।
डीसीएम की तलाशी लेने पर प्लास्टिक के कबाड़ पंखे और 100 कार्टून अंदर लदे मिले। कार्टूनों में गांजा भरा था। पकड़े गये आरोपियों ने बताया कि वह उड़ीसा से गांजा लाकर झांसी, बांदा, बबेरू और मेरठ पहुंचाने जा रहे थे। पूछताछ में बताया कि मेरठ निवासी रिंकू राठी ने प्रति चक्कर माल पहुंचाने के लिए एक लाख रुपये देने की बात कही थी।
इसके अलावा उन्होंने हरियाणा के झझर गांव निवासी राकेश, मनीष के नाम भी उजागर किए। बताया कि सभी वाटसअप कॉल करके गांजा की तस्करी कराते हैं। पुलिस ने आरोपियों द्वारा दिये गये बयान के आधार पर पांच तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। पकड़े गये दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। तीन आरोपियों की तलाश की जा रही है। बबेरू कोतवाल पंकज सिंह ने बताया कि बरामद गांजा 25-25 किलोग्राम की चार बोरियों में भरा गया है। कोतवाल ने बताया कि बरामद गांजा की बाजार में कीमत करीब नौ लाख रुपये होगी।